Episode Details
Back to Episodes
Prem Samandar | Pallavi Vinod
Episode 1275
Published 5 days, 10 hours ago
Description
प्रेम समंदर। पल्लवी विनोद
प्रेम समंदर-सा ही है धरती पर
इतना कि सब डूब जाए
इतना कि प्यास ही ना बुझे
इतना कि डूबकर भी उतराता रहे
निकल बाहर फिर इसी में समाता रहे
प्रेम को पाना हो तो मछली बन जाना
सीपी बन जाना,
चाहें बन जाना कोई डूबा जहाज़
अगर मनुष्य बनोगे
तो समंदर आश्चर्य देगा
वैविध्य देगा
गहराई देगा
टापू देगा
बस ख़ुद को नहीं दे पाएगा।