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Kavitayein | Dharmesh
Episode 1268
Published 1 week, 6 days ago
Description
कविताएँ । धर्मेश
ख़त्म हो चुकी हैं कविताएँ
शब्दों ने कर ली है सामूहिक आत्महत्या
मजनूँ के क़त्ल हो जाने के डर से
लैला ने तिलांजलि दे दी है अपने प्रेम की
जंगल की हत्या पर आमादा शहर
चीर चुका है नदी का हृदय
सियारों को गाली देने वाले आदमी ने
नोच खाया है एक और आदमी को
मेरी आँखों में अब भी बचा है प्रेम
ये इस दुनिया की तबाही का सूत्र है