Episode Details
Back to Episodes
Antim Sipahi Ki Tarah | Leeladhar Mandloi
Episode 1213
Published 2 months ago
Description
अंतिम सिपाही की तरह । लीलाधर मंडलोई
मैं उनके लिए पागल हूँ जिन्हें बचा नहीं सका
मैं उनके लिए रोता हूँ जो लड़ते हुए क़ब्र में अब भी ज़िंदा हैं
मैं रस्मी मातम में शरीक़ नहीं
मैं उन आवाज़ों में हूँ जिनमें मुक्ति का गान गूँजता है
मैं उनके लिए अपनी घृणाओं को आकाश करना चाहता हूँ
मैं न्याय के लिए अंतिम सिपाही की तरह
जीत के लिए मर जाना चाहता हूँ।