Episode Details
Back to Episodes
Deewar | Saqi Farooqui
Episode 1183
Published 1 month ago
Description
दीवार । साक़ी फ़ारुक़ी
रगों में नाच रहा है इक आतिशीं ज़हराब
आतिशीं: अग्निमय ज़हराब: ज़हरीला पानी
तिरी तलाश फ़क़त जिस्म का तक़ाज़ा है
तिरी तलब के जहन्नम में जल रहा है बदन
तलब: तलाश
लहू पुकारता है क्या सुना नहीं तू ने
कि मैं ने रूह की दीवार ही गिरा दी है