Episode Details

Back to Episodes
Hey Meri Uttara | Ashutosh Sharma

Hey Meri Uttara | Ashutosh Sharma

Episode 1176 Published 1 month, 1 week ago
Description

 हे मेरी उत्तरा! । आशुतोष शर्मा


मेरे शस्त्र की धारमयी रति को

तुम्हारी भाषा के वैराग्य ने छीन लिया था

हे मेरी उत्तरा!

मेरे रण में जाने से पूर्व

तुम्हारे ऑँचल का सतीत्व

मुझे आगाह कर रहा था

एक भयंकर सामूहिक पाप के प्रति

मेरे मातुल की वंशी से

एक मौन भाप की ध्वनि आ रही थी

गांडीव अपने चरण मुझसे दूर हटा रहा था

आधा सा लग रहा था पिता भीम का आश्वासन

है मेरी उत्तरा!

तुम्हारे बाल वैधव्यता से

कुरुक्षेत्र के मंडप में होगा मेरा विवाह

मैं यह जानता था कि

धर्मक्षेत्र मेरी शोणित के योगदान का आकांक्षी है।

इतिहास मेरी वीरता का आनन्द लेना चाहता है।

हे मेरी उत्तरा!

हमारे प्रेम का साहित्य

छंदबद्ध नहीं है

असंकलित, अज्ञात कहीं

मेरे मस्तक की भांति

जयद्रथ के पैरों तले

या सेनापतियों के विजयी रथों के नीचे

सिपाहियों के शर्वों सा

इतिहासहीन पड़ा है

गौरव करने वाली जातिर्यों का सच

कलम का सौदा करने वाले घातियों ने खा लिया है

हे मेरी उत्तरा!

चक्रवर्तियों की सभा में

पासों से तुम्हारी नियति को न खेल जाए कोई राजवंश

तुम्हारा दाव पर लग जाना

मेरे पौरुष पर घाव सा न लग जाए

इसी चिन्ता का नाम महाभारत है।

हे मेरी उत्तरा!

अपने ललाट का सिन्दूर

मेरे भीगे पीताम्बर से पोंछना

संभवतः तुम्हारी माँग की अरुणिमा में और वृदधि हो जाय

व मेरा बलिदान कहीं और गौरवशाली

और पुकारूं मैं तुम्हें

निर्जीव पड़े श्रृंगारों से

हे मेरी संगिनी!

हे मेरी अर्धागिनी!

हे मेरी वीरांगना!

हे मेरी उत्तरा!

हे मेरी उत्तरा!

हे मेरी उत्तरा!


Listen Now

Love PodBriefly?

If you like Podbriefly.com, please consider donating to support the ongoing development.

Support Us