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Choolha | Tanwir Sheikh 'Ilham'

Choolha | Tanwir Sheikh 'Ilham'

Episode 1135 Published 2 months, 3 weeks ago
Description

 चूल्हा । तनवीर शेख़ 'इल्हाम’ 


चूल्हे ने संभाला

पितृसत्ता को

और बनाएं रखा अपना वर्चस्व

ये चूल्हा

स्त्रियों के ऊपर

ऐसे स्थापित किया गया

जो पुरुषों के रौब को

आजीवन कायम रख सके

पितृसत्ता ने

चूल्हे के सहारे से

स्त्रियों के सत्य को, उनके सपने को 

और उनके व्यक्तित्व को

हमेशा जलाए रखा

कितनी ही स्त्रियों को ब्याहा गया

सिर्फ चूल्हे में झोंकने को

मानो ये चूल्हा

पकवान बनाने के लिए

आविष्कार नहीं बल्कि

पुरुषों के अधिकार को

उनके वर्चस्व को

स्थायित्व बनाए रखने के लिए

किया गया हो

इस चूल्हे ने

न जाने कितने स्वप्न

तिलांजित किए होंगे

ताकि पुरुष की

पौरुष शक्ति कायम रहे

सुनो लड़कियों

अब वक्त हैं

उस चूल्हे को

लांघने का और

उस चूल्हे को उसी में

तिलांजित करने का

ताकि चूल्ह से चांद का

सफ़र करो तुम

तो अब हुंकार भरो

छोड़ो हाथों से बेलन और

थामों कलम-किताब जो

तुम्हारे लिए साबित हो इंकलाब

ताकि

तुम पा सको उस गगन को

जो तुम्हारे उड़ान को तत्पर है और

उस समाज पर काबिज़ हो जाओ

जो तुम्हारे छलांग से भयभीत है

जो तुम्हारे आगाज़ से भयभीत हैं.!


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