Episode Details

Back to Episodes
Bas Ek Kaam Yehi Baar Baar Karta Tha | Madhav Kaushik

Bas Ek Kaam Yehi Baar Baar Karta Tha | Madhav Kaushik

Episode 1090 Published 4 months, 1 week ago
Description

बस एक काम यही बार बार करता था ।  माधव कौशिक


बस एक काम यही बार बार करता था

भँवर के बीच से दरिया को पार करता था


उसी की पीठ पर उभरे निशान ज़ख़्मों के

जो हर लड़ाई में पीछे से वार करता था


अजीब शख़्स था ख़ुद अलविदा कहा लेकिन

हर एक शाम मेरा इंतिज़ार करता था


सुना है वक़्त ने उस को बना दिया पत्थर

जो रोज़ वक़्त को भी संगसार करता था


हवा ने छीन लिया अब तो धूप का जादू

नहीं तो पेड़ भी पत्तों से प्यार करता था


Listen Now

Love PodBriefly?

If you like Podbriefly.com, please consider donating to support the ongoing development.

Support Us