Episode Details

Back to Episodes
Ghar | Mohan Rana

Ghar | Mohan Rana

Episode 1081 Published 4 months, 2 weeks ago
Description

घर | मोहन राणा


धन्य धरती है जिसकी करुणा अक्षत


धन्य समुंदर जिसका नमक फीका नहीं होता

धन्य आकाश जो रहता हमेशा मेरे साथ हर जगह दिन रात


धन्य वे बीज जो पतझर को नहीं भूलते

धन्य वे शब्द भूलते नहीं जो चौखट पर कभी बाट लगाते दुख


उसकी स्मृति को

धन्य उस विचार पहिए पर टँकी छवियाँ


जो बन जाती टॉकीज़,

आकाशगंगा के छोर चुपचाप परिक्रमा में


धन्य यह साँस,

मैं कैसे भूल सकता हूँ घर


और कोने पर धारे का पानी


Listen Now

Love PodBriefly?

If you like Podbriefly.com, please consider donating to support the ongoing development.

Support Us