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Main Badha Hi Ja Raha Hun | Shivmangal Singh Suman
Episode 1076
Published 4 months, 3 weeks ago
Description
मैं बढ़ा ही जा रहा हूँ - शिवमंगल सिंह सुमन
आज जो मैं इस तरह आवेश में हूँ, अनमना हूँ
यह न समझो मैं किसी के रक्त का प्यासा बना हूँ
सत्य कहता हूँ पराये पैर का काँटा कसकता
भूल से चींटी कहीं दब जाए भी तो 'हाय!' करता
पर जिन्होंने स्वार्थवश जीवन विषाक्त बना दिया है
कोटि-कोटि बुभुक्षितों का कौर तक, छिना लिया है
लाभ-शुभ लिखकर ज़माने का ह्रदय चूसा जिन्होंने
और कल ही, बगल वाली लाश पर थूका जिन्होंने
बिलखते शिशु की व्यथा पर दृष्टि तक जिनने न फेरी
यदि क्षमा कर दूँ उन्हें, धिक्कार माँ की कोख मेरी
चाहता हूँ ध्वंस कर देना विषमता की कहानी
हो सुलभ सबको जगत में वस्त्र, भोजन, अन्न, पानी।