Episode Details
Back to Episodes
Maun | Suryakant Tripathi 'Nirala'
Episode 1057
Published 5 months, 1 week ago
Description
मौन । सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
बैठ लें कुछ देर,
आओ, एक पथ के पथिक-से
प्रिय, अंत और अनंत के,
तम-गहन-जीवन घेर।
मौन मधु हो जाए
भाषा मूकता की आड़ में,
मन सरलता की बाढ़ में,
जल-बिंदु-सा बह जाए।
सरल अति स्वच्छंद
जीवन, प्रात के लघुपात से,
उत्थान-पतनाघात से
रह जाए चुप, निर्द्वंद।