अहंकार मनुष्य को जीवन में सफलता के बाद आता हैं। क्रोध ,ईर्ष्या ओर जलन ये सब अहंकारी व्यक्ति में देखने को मिलता हैं। इसके विपरीत स्वाभिमान मनुष्य के अपने जीवन के कुछ सिद्धांत होते हैं। जिनके विपरीत कार्य होने पर उनके मन को ठेस पहुंचती हैं परंतु उनके मन में द्वेष भावना नहीं होती है। आइए जानते हैं कि किन तीन गुणों में इनको विस्तार से बताया है जया किशोरी जी द्वारा।
Published on 1 week, 1 day ago
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