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Jo Shilayein Todte Hain | Kedarnath Aggarwal

Jo Shilayein Todte Hain | Kedarnath Aggarwal

Episode 995 Published 7 months, 2 weeks ago
Description

जो शिलाएँ तोड़ते हैं । केदारनाथ अग्रवाल


ज़िंदगी को


वह गढ़ेंगे जो शिलाएँ तोड़ते हैं,

जो भगीरथ नीर की निर्भय शिराएँ मोड़ते हैं।


यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के

श्रेष्ठतम् मैं मानता हूँ!!


ज़िंदगी को

वे गढ़ेंगे जो खदानें खोदते हैं,


लौह के सोए असुर को कर्म-रथ में जोतते हैं।

यज्ञ को इस शक्ति श्रम के


श्रेष्ठतम् मैं मानता हूँ!!

ज़िंदगी को


वे गढ़ेंगे जो प्रभंजन हाँकते हैं,

शूरवीरों के चरण से रक्त-रेखा आँकते हैं।


यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के

श्रेष्ठतम् मैं मानता हूँ!!


ज़िंदगी को

वे गढ़ेंगे जो प्रलय को रोकते हैं,


रक्त से रंजित धरा पर शांति का पथ खोजते हैं।

यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के


श्रेष्ठतम् मैं मानता हूँ!!

मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा।


ख़ूबसूरत ज़िंदगी की नौजवानी भोग लूँगा।


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