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Varsh Ke Sabse Kathin Dinon Mein | Kedarnath Singh

Varsh Ke Sabse Kathin Dinon Mein | Kedarnath Singh

Episode 733 Published 1 year, 4 months ago
Description

वर्ष के सबसे कठिन दिनों में | केदारनाथ सिंह


अगर धीरे चलो

वह तुम्हें छू लेगी

दौड़ो तो छूट जाएगी नदी

अगर ले लो साथ

वह चलती चली जाएगी कहीं भी

यहाँ तक - कि कबाड़ी की दुकान तक भी

छोड़ दो

तो वही अंधेरे में

करोड़ों तारों की आँख बचाकर

वह चुपके से रच लेगी

एक समूची दुनिया

एक छोटे से घोंघे में


सच्चाई यह है

कि तुम कहीं भी रहो

तुम्हें वर्ष के सबसे कठिन दिनों में भी

प्यार करती है एक नदी

नदी जो इस समय नहीं है इस घर में

पर होगी ज़रूर कहीं न कहीं

किसी चटाई

या फूलदान के नीचे

चुपचाप बहती हुई


कभी सुनना

जब सारा शहर सो जाए

तो किवाड़ों पर कान लगा

धीरे-धीरे सुनना

कहीं आसपास

एक मादा घड़ियाल की कराह की तरह

सुनाई देगी नदी!

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