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ભા. સ્કંદ ૧ અધ્યાય (૭).aac
Published 1 year, 5 months ago
Description
ॐ नाद नाद है पुरे ब्रह्मांडका,
हर पल गुंजता रहेता है,
ॐ नादमें हर स्वर है समाये,
संगीत बहेता रहेता है।
यह संगीतमें हर संप्रदायके स्वर,
ॐ ॐ में लीन होता है,
यह लीनतामें अखंड है शक्ति,
यह शक्तिसे ब्रह्मांड यह चलता है।
पुरा ब्रह्मांड ही है शिव शक्ति,
सूरज चांद सितारे है,
वायु जल प्रवाहकी गुंजन,
ॐ शक्तिके बलसे है।
ॐ शक्ति हर जिवकी आत्मा,
हर जिवमें धडकती है,
सोहम नाद गुंज बनके हर पल,
जिवके श्र्वासोमें बहेती है।
ध्यान लगाकर अनुभव करलो,
ॐ बसा रग रगमें है,
ॐ पहेचान ही आत्म दर्शन,
खुद शिव ॐ हर तत्वमें है।
यह तत्व है शिव साक्षात्कार,
सहस्त्रासारमें समाया है,
ॐ शिवशक्ति कुंडलीनी जागरण, मनकाबुसे अपने वशमें है।
बकुलेश महेता। (9426789564)
हर पल गुंजता रहेता है,
ॐ नादमें हर स्वर है समाये,
संगीत बहेता रहेता है।
यह संगीतमें हर संप्रदायके स्वर,
ॐ ॐ में लीन होता है,
यह लीनतामें अखंड है शक्ति,
यह शक्तिसे ब्रह्मांड यह चलता है।
पुरा ब्रह्मांड ही है शिव शक्ति,
सूरज चांद सितारे है,
वायु जल प्रवाहकी गुंजन,
ॐ शक्तिके बलसे है।
ॐ शक्ति हर जिवकी आत्मा,
हर जिवमें धडकती है,
सोहम नाद गुंज बनके हर पल,
जिवके श्र्वासोमें बहेती है।
ध्यान लगाकर अनुभव करलो,
ॐ बसा रग रगमें है,
ॐ पहेचान ही आत्म दर्शन,
खुद शिव ॐ हर तत्वमें है।
यह तत्व है शिव साक्षात्कार,
सहस्त्रासारमें समाया है,
ॐ शिवशक्ति कुंडलीनी जागरण, मनकाबुसे अपने वशमें है।
बकुलेश महेता। (9426789564)