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Aangan | Ramdarash Mishra
Episode 515
Published 1 year, 11 months ago
Description
आँगन | रामदरश मिश्रा
तने हुए दो पड़ोसी दरवाज़े
एक-दूसरे की आँखों में आँखें धँसाकर
गुर्राते रहे कुत्तों की तरह
फेंकते रहे आग और धुआँ भरे शब्दों का कोलाहल
खाते रहे कसमें एक -दूसरे को समझ लेने की
फिर रात को
एक-दूसरे से मुँह फेरकर सो गये
रात के सन्नाटे में
दोनों घरों की खिड़कियाँ खुलीं
प्यार से बोलीं-
"कैसी हो बहना?"
फिर देर तक दो आँगन आपस में बतियाते रहे
एक-दूसरे में आते-जाते रहे
और हँसते रहे दरवाजों की कसमों पर।