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Qile Mein Bacche | Naresh Saxena
Episode 345
Published 2 years, 4 months ago
Description
क़िले में बच्चे | नरेश सक्सेना
क़िले के फाटक खुले पड़े हैं
और पहरेदार गायब
ड्योढ़ी में चमगादड़ें
दीवाने ख़ास में जाले और
हरम बेपर्दा हैं
सुल्तान दौड़ो!
आज किले में भर गए हैं बच्चे
उन्होंने तुम्हारी बुर्जियों, मेहराबों, खंभों और
कंगूरों पर लिख दिए हैं अपने नाम
कक्षाएँ और स्कूल के पते
अब वे पूछ रहे हैं सवाल
कि सुल्तान के घर का इतना बड़ा दरवाज़ा
उसकी इतनी ऊँची दीवारें
उनके चारों तरफ़ इतनी सारी खाइयाँ
इतने सारे तहखाने छुपने के लिए
और भागने के लिए इतनी लंबी सुरंगें
और चोर रास्ते
आख़िर...
सुल्तान इतना डरपोक क्यों था!