Episode Details

Back to Episodes
Barbie Aur Sadak | Shashwat Upadhyay

Barbie Aur Sadak | Shashwat Upadhyay

Episode 279 Published 2 years, 6 months ago
Description

बार्बी और सड़क | शाश्वत उपाध्याय 


मुझे मुड़ती हुई सड़कों पर बहुत प्यार आता है 

सड़क, जो मेरे बचपन के पसंदीदा बार्बी की कमर की तरह है 

बड़े करीने से मुड़ रही हो 

जिस पर मैं लट्टुओं की तरह बेतरतीब चलता हूँ, कुलांचे भरत हूँ 

ऐसी चल में चलता हूँ कि कमर मटक जाती है 

कि चलना खराब लग जाता है 

यह सब कुछ इसलिए होता है 

कि सड़क का मुड़ना 

बार्बी के कमर जैसा समझ आता है 

वैसा नहीं समझ आता जैसा है 

अभी मुड़ती सड़कों पर प्यार करने का समय है 

इन पर चलने का समय अभी नहीं आया

मेरी गुज़ारिश है कि प्यार करने से थोड़ा समय बचाओ 

और मुड़ती सड़कों पर साथ चलो 

आओ, चलने के सहारे हम खिलौने के बैग तक पहुँचें

और उसकी गुड़ियों को छिपा दें 

कि सड़क देखकर सिर्फ बार्बी के कमर का ख़याल आए 

तो दोष ख़याल का नहीं खिलौनों का है 

उम्मीद करें की हम आखरी पीढ़ी हों 

जिन्हें बार्बी से प्यार था 


Listen Now

Love PodBriefly?

If you like Podbriefly.com, please consider donating to support the ongoing development.

Support Us