Episode Details
Back to Episodes
आलाँ का इश्क़ | स्टोरीबॉक्स | EP 41
Published 2 years, 10 months ago
Description
आलाँ गरीब थी, उसके वालिद गाँव में जूता बनाते-बनाते मर गए थे। अब कोई नहीं था जो उसके सर पर हाथ रखता। पर वो खूबसूरत थी। लोगों के घरों में छोटे-मोटे काम करती थी। वो रात जिसकी अगली सुबह मुझे वापस निकलना था। उसने मुझे एक कुर्ता दिया, जो उसने अपनी मेहनत की कमाई से मेरे लिए बनाया था। बोली, "आपके कुर्ते का आखिरी बटन टाकना था। इस कुर्ते के लिए आपके बैग में जगह तो होगी न?" मैं उसे देखता रहा। मैंने झुंझलाते हुए पूछा, "दुनिया में कोई ऐसा काम हो जो तुम नहीं कर सकती?" वो मेरे और करीब आई। इतनी करीब कि उसकी सांसे मेरे गले पर महसूस हो रही थी। बोली, "एक बार पूछिए कि मैं क्या क्या कर सकती हूं"... मैंने पूछा, "तुम क्या क्या कर सकती हो" वो बोली, "मैं प्यार कर सकती हूं" - सुनिए अहमद नसीम क़ासमी की लिखी कहानी 'आलाँ' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.